Wednesday, February 13, 2019

मेरे💓सबसे प्रिय🌹तुम




क्यों नाहक👏यार नाराज़ 😌से हो,
रूठे हुए💖 ज्यों ताज़ से हो,   
हर लम्हा जो कभी साथ💘सा था,
उन पे गिरी❣क्यों गाज़⚡से हो,
क्यों फिर न लिखें✍कोई💚किस्सा नया,
मेरे सबसे प्रिय🌹तुमअल्फाज़ से हो,
तेरे ख़त💌अभी भी चूमता😘 हूँ,
मेरे नख़रे हो तुम💓 नाज़ से हो
आओ छेड़ो 💑तो वही धुन माधुरी🍯,
इक तुमहिं💞 तो मेरे साज़ से हो,
जो आ जाये🌹बस देखने से,
मेरी वो हँसी 😁वो लाज़ से हो। 
😚🎈💞 💖🌹🍸💐💖💚💝💓💑


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