Saturday, February 16, 2019

तेरी ख़ुश्बू🌹हर ओर बह🍃रही





तेरी ख़ुश्बू🌹सी हर ओर है बह🍃रही,
तू यहीं🌼कहीं है🌷यही संदेशा कह रही,
तेरे माथे की बूंदें💦इस ओंस में💭हैं,
और पवन🌿🍁में तेरी लट👧कहीं बह रही,
नयनों👀के कजरे ने घटायें☁काली की ,
और पुतलियाँ😍जाने क्या क्या😘कह रही,
अब क्यों ना जान💘करें न्यौछावर 💗सोचें क्यों,
ज़िद्द अकड़ 🌺सब इक इक
🍃करके ढह🍂रही।

💓💕💚💙💏💗💖💟💋💑😍😘💖💕💓💝💞

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