Thursday, February 7, 2019

एक बात जो कहनी💑 थी





एक बात जो कहनी💑 थी,नहीं पर कह पाया,
कहे बिना भी 💐लेकिन, मैं कहाँ रह पाया,
तू जल सी मैं थल सा, तू नभ ⛅और मैं खाई,
मेल नहीं तिल भर फिर भी, मैं बनूं तेरा साया🌻।

      😘💟💘💘💘💑      

मेरे लब पे😘 शब्द हजारों सजे, देखो तो कुछ कहने को,
तौर तरीका 💐सहज सलीका, छोड़ो भी अब रहने दो,
बिना कहे तुम समझो गर,🌹अनकहा कुछ बहने दो,
वर्तमान सज धज जाए, कुछ प्रेम 💘अलंकृत💍गहने दो। 
       
🌹 🌻💕💕💕💕💕💕 🌻🌹

कुछ लफ़्ज प्रेम में भीगे😚 हैं, तुम भी भीगो 💕तो बात बने,
क्यों बादल ⛈की राह तकते हो, हम खड़े तो हैं बरसात बने
प्रेम दरस 💘तुम करलो ना😚, दो चार मुठियाँ भरलो ना,
युग बीत गई जब से बिगड़ी, तेरी हाँ हो 😍😍तो कुछ बात बने।


🌹🎁💐🌹🍸🍹🍣🌹😚 🎁💐💍🌹😚💐🌹
🍹🍸💐💍Happy Propose Day💐💍🍸🍹

3 comments:

  1. बहुत रोमांटिक लिखा है। पत्थर में भी फूल उगा दे और किसी जालिम को भी प्यार सिखा दे। लिखते रहो।

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