Monday, February 25, 2019

श्री राम🏹दुहाई,सीता जी🧕चुराई

    

     
     श्री राम🏹दुहाई हर मुख पे है, सीता जी🧕चुराई फिर से है,
     हनुमान🐵किधर क्यों गुम हुए, लंका🌇से लड़ाई फिर से है।

1. वो तो चौदह ही वर्ष🌞का था, वनवास🌴🌳 फिर भी हर्ष का था
    पर तंबू 🎪को कई दशक हुए, दिल❣लाख करोड़ हैं धक❤हुए
    भुजा उठा श्री राम संकल्पित💪हो, आवशयक्ता🌄फिर से है।
    श्री राम दुहाई...

2. ग़र अंगद🐒भी कहीं मिल जाते, कई होंठ👄आवारा सिल जाते,
    फिर रावण चरण👣पकड़ता भी, अंगद कुछ और अकड़ता😡भी,
    जो पांव जमा दे, धूम💨मचा दे ऐसा चाहिए भाई👬फिर से है।
    श्री राम दुहाई...

3. इक वीर केसरी नन्दन🐵 हो, जिन्हें कोटि कोटि वंदन🙏हो,
    जो फाड्  दे छाती औरों की, भारत माता👸 के चोरों की,
     मेरा रंग सिंधूरी🚩केसरीया, कोई भीगा💗नख से सिर से हो।
     श्री राम दुहाई...

4. तुम जब चाहो तब बन जाये, घर-घर में मंदिर🏰तन जाये,
    बस ज़ेहन में परशुराम🏹हैं गर, तो कीट🐜🐝 भी काल👺से ठन जाये,
    बस खौला 🔥नहीं है रक्त अभी, इसी कारण सब स्थिर से हैं। 

श्री राम🏹दुहाई हर मुख पे, सीता जी🧕चुराई फिर से है,
     हनुमान🐵किधर क्यों गुम हुए, लंका🌇से लड़ाई फिर से
है।   

🔥💗🚩🏹🐜🐝🌞🎪🔥🌅🌏💪💥💦💫🚩🏹🌏💪💥💦💫🚩🏹

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