Tuesday, February 5, 2019

क्यों इतने उदास हो...

क्या हुआ तुम फिर से क्यों इतने उदास हो
     तभी कहूँ क्यों तुम भी मेरे इतने खास हो

1 .डूबते सूर्य 🌅में फिर तुम कहीं डूब गए होगे,
      गहरे गम के सागर में भी ख़ूब गए होगे,
     थे तो बूंद शहद 🍯की तुम भी अब क्यों खटास हो।
    क्या हुआ तुम...

2 .आसमाँ से टूटे तारे 🌃देख भला क्यों टूटते हो,
   किसी ने लूटा माना चल, पर खुद को ही क्यों लूटते हो,
   बीच भीड़ में खोया बछड़ा ज्यों बदहवास हो।
   क्या हुआ तुम....

3. हाथ तराज़ू पकड़ के सब कोई धन्ना सेठ न होते,
      गंगा तट पे लगी समाधि तब भी हाड़ न धोते,
     ठन ठन इतने फिरे गोपाले तुम क्या खास हो।
     
    क्या हुआ तुम फिर से क्यों इतने उदास हो
     तभी कहूँ क्यों तुम भी मेरे इतने खास हो

No comments:

Post a Comment