Wednesday, February 27, 2019

चाय की लत




आज भारत के घर-घर में, गली-नुक्कड़ पर लोग चाय की चुस्कियाँ भरते दिखाई देते हैं। office में कोई meeting हो या फिर घर में पकोड़े खाने का मन तो झटपट चाय भी तैयार हो जाती है। बिना चाय पकोड़े न भाएँ न ही किसी मीटिंग में मजा आए। आज हम भारतीयों की हालत ऐसी हो गई है कि हम दिन की शुरुआत ही बेड-टी (बिस्तर पर चाय) से करते हैं। 

चाय अंग्रेजों की देन-  चाय की ऐसी लत हमें आज से 270 साल पहले नहीं थी। ये बुरी आदत तो असल में अंग्रेजों की देन है। कहते हैं कि अंग्रेजों को चाय बहुत पसंद थी। इसलिए जब वे भारत आए तो चाय के पौधे अपने साथ लेकर आए। चाय के लिए सही स्थानों की खोज करके उन्होंने ने भारत में चाय के अनेक बगान लगा दिए। फिर न केवल उन्होंने खुद चाय पी बल्कि भारत के लोगों को भी इसे बेचना शुरू कर दिया। शुरू-शुरू में भारतीय लोगों को चाय पसंद नहीं आई क्योंकि न तो उन्हें इसका स्वाद पसंद आया और दूसरा इसे पीते ही उनका गला भी शुष्क हो जाता था। हमारे बूढ़े-बजुर्ग तो चाय को जहर ही मानते थे। कहा जाता है के उस समय जब कोई अपनी बहन बेटी के लिए लड़का देखने जाते थे तो पूछा करते थे कि लड़का कहीं चाय पीने का आदि तो नहीं है? चाय के प्रति भारतीयों की ऐसी प्रतिक्रिया देखकर अंग्रेजों ने फिर से एक खेल खेला।उन्होंने भारत के लोगों को मुफ्त में चाय पिलानी शुरू कर दी। और "माले मुफ्त दिले बेरहम" (मुफ्त की चाय के लालच ने ) ने हमें इसका आदि बना के छोड़ दिया। फिर धीरे-धीरे चाय में मौजूद Tannin and Caffeine ने भारतीयों को अपना आदी बना लिया। आज तो आलम यह हो गया है कि अंग्रेजों के जाने के 70 साल बाद भी हम चाय को चुस्की भर-भर के पीते हैं। और इसके साथ ही इसकी तारीफ भी करते हैं-"वाह! क्या चाय है!"

         आज हम बताना चाहते हैं के अंग्रेजों का चाय पीना जायज था। क्योंकि वो बेहद ठंडे वातावरण में रहते हैं। इसका कारण है कि चाय का सीमित सेवन low BP में दवाई का काम करता है। और england जैसे अत्यधिक ठंडे देश में रहने वाले लोगों का bp ज्यादातर कम ही होता है। 

भारत का वातावरण चाय के प्रतिकूल - अगर हम अपने देश के वातावरण की बात करें तो भारत में कुछ प्रदेशों को छोड़ ठंड बहुत कम समय के लिए आती है। इसलिए चाय पीने से एसिड और bp बढ़ जाता है। खाली पेट चाय पीने से पेट में गैस बनने लगती है। जिससे वात और पित के रोग हो जाते हैं। इसलिए हमें समझना होगा कि भारत का वातावरण और भारतीयों की शारीरिक स्तिथि,दोनों ही चाय के against हैं। पर भी आज भारत के लोग चाय के इतने गुलाम हो गए हैं कि उसके बिना हमारा सर दर्द और शरीर दर्द शुरू हो जाता है। असल में यह सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि हम चाय के चंगुल में बुरी तरह से फंस गए हैं। 

इस लत से छुटकारा कैसे पाएँ- इसके लिए हम हर्बल चाय घर में ही बना सकते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छी होगी। हमें कब्ज-गैस, acidity जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलवाएगी। 2 कप हर्बल चाय बनाने के लिए 2 लौंग, 2 इलाइची, आधा चमच सौंफ, चुटकी भर अजवाइन, 2-3 तुलसी के पत्ते,एक इंच लेमन ग्रास को अच्छे से उबाल लें और जब यह अच्छे से बन जाये तो आप अपने स्वाद और जरुरत अनुसार honey या फिर बिना मीठे के सेवन कर सकते हैं। कुछ दिनों का सेवन आपको इसके फायदे बता देगा।

No comments:

Post a Comment