Tuesday, February 19, 2019

Exams एक चुनौती




ओह! पेपर सिर पे गए! सिलेबस माउन्ट एवरेस्ट जैसा है। क्या करूँ क्या करूँ? कुछ  Subjects तो मैं साल भर Ignore करता रहा हूँ। हे भगवान! अब मेरा क्या होगा?क्या करूँ कैसे करूँ?...


              ज्यादातर स्टूडेंट्स की इन दिनों यही मनोस्थिति है। मार्च का महीना शुरू होने वाला है। इधर शैक्षिणक संस्थाएँ एवं बोर्ड्स प्रश्नपत्रों को अकार देने में जुटे हैं उधर स्टूडेंट्स इनके सटीक उत्तर दिमाग में बिठाने को तत्पर हैं। समय सीमित है और सिलेबस अपार! इस स्तिथि में कई बच्चे तो हिम्मत ही हार बैठते हैं। घोर चिंता, डिप्रेशन, टेंशन में फंस जाते हैं। सबसे पहले तो छात्रों से कहना चाहते हैं कि Exams चाहे CBSE के हों, Entrance के हों या कोई और हों। They are not the end of Road! जीवन संभावनाओं का नाम है। मात्र इन Exams को अपना सब मानकर हम अपने दिमाग का दायरा छोटा कर देते हैं। सोचते हैं के जीवन में बस यही एक सही रास्ता है और कोई नहीं। लेकिन जीवन में करने के लिए बहुत कुछ है। इसलिए take them easy.

       दूसरा बात हर इंसान का हर मुकाम पर एक धर्म एक कर्तव्य होता है। जैसे अर्जुन का ही Example लें। युद्धक्षेत्र में अर्जुन बड़ा निराश, हताश था, तनाव ग्रसित था। वह कहता है कि  इससे अच्छा तो मैं योगी या सन्यासी बन जाता हूँ। यूँ तो योगी सन्यासी का धर्म भी महान है पर उस समय अर्जुन का धर्म था एक योद्धा बनकर लड़ना। इसी तरह Exams बच्चों के सामने एक चुनौती की तरह हैं। वे इनसे भागे नहीं बल्कि योद्धा की तरह डटकर इनका सामना करें।

         तीसरा आपसे बेहतर आपको कौन समझ सकता है। इसलिए अपनी Abilities को अच्छी तरह पहचाने और अपने Subjects को चुने। अपनी रुचि से चुने हुए subjects में अच्छे से मेहनत होती है। 

 

Exams की तैयारी कैसे करें-students अपने सिलेबस को 3 parts में divide कर लें-सरल, कठिन अत्यधिक कठिन।अब इसके अनुसार प्रयास मेहनत करें। यह सोचें कि सिलेबस पहाड़ जैसा है, मैं इसे पूरा नहीं कर पाऊँगा। बल्कि ये सोचें कि जब आप एक सीढ़ी चढ़ते हो, तो हर बार कुछ उच्चाई कम हो जाती है।

2. कभी भी रट्टू तोता नहीं बनना चाहिए बल्कि Questions को सही तरह समझकर उत्तर देने चाहिए।

3. पढ़ने के लिए Time Table जरूर बनाएं लेकिन इसे तोड़े नहीं। पूरी ईमानदारी से टाइम टेबल के अनुसार चलने की कोशिश करें। नहीं तो आपका सारा plan निष्फल हो जायेगा।

4. अपने खान-पान का जरूर ध्यान रखें। तली हुई, बासी, Fast Food, Junk food आदि खाएं। फल, दूध , प्रोटीन वाला भोजन जूस आदि लें। Exams के दौरान ज्यादा परिश्रम करना पड़ता है। इसलिए balanced diet लें।

5. पुराने प्रश्न पत्रों की help लेते हुए अपने notes बना लें, जिससे आपको याद करने में आसानी रहेगी।

6. मानसिक तनाव को दूर करने के लिए हर एक घंटे के बाद लंबे-लंबे श्वास लें और छोड़ दें। ऐसा करने से Stress, Tension एवं Depression की स्तिथि से उबरा जा सकता है।



Examination hall में Tension Free होकर जाएँ- 
1. परीक्षा हाल में जाने से पहले बिलकुल relax हो जाएँ।

2. पेपर में वही लिखें जो पूछा गया हो। कोशिश करें कि सब प्रश्नो के जवाब दें। आपको जितना भी आता है जैसा भी आता है, उत्तर जरूर दें। हर सवाल को attempt करने की कोशिश जरूर करें। क्योंकि हर step के नंबर मिलते हैं इसलिए कोई भी सवाल छोड़े नहीं।

3. आपके पास Exam देने के लिए निश्चित समय है  इसलिए समय अनुसार लिखने का अभ्यास करें।

4. घर आकर थोड़ा आराम  करें और अपने आप को ब्रेक दें।

5. सफलता की सबसे बड़ी कुंजी आत्मविश्वास है इसलिए खुद से बार-बार कहें कि मैं जरूर सफल होऊँगा।

Result के बारे में न सोचें-कभी भी ये सोचें कि अंक कितने मिलेंगे, Result क्या होगा। आप बस अपने कर्म को पूरी लगन से करें। क्योंकि टेंशन काम के कारण नहीं बल्कि उसके Result के विषय में सोचने से होती है। बच्चों इस बात को सदा याद रखना कि जैसे एक मशीन तभी सही तरह काम कर सकती है जब उसके सारे कलपुर्जे ठीक-ठाक हों। इसलिए आप भी यदि Good Results चाहते हैं तो अपने Nuts and Bolts कसकर रखें।मतलब कि अपने शरीर को ignore मत करें। हमारा शरीर एक tool है। इसलिए दिमाग शरीर को आराम देने के लिए कुछ Relaxation Exercises भी हर रोज करते रहें।





Parents के लिए Instructions-Parents अपने बच्चों से अत्यधिक अपेक्षा रखकर उन्हें तनावग्रस्त करें। Exams खत्म होने पर यह कहें कि यह सवाल  क्यों नहीं किया या ऐसा क्यों कर दिया। इसके द्वारा बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ता है।

2. parents को याद रखना चाहिए कि हर बच्चे में कोई कोई छिपी हुई कला, प्रतिभा है और हमें उसी को उसके अंदर से उभारना है। इसलिए कभी भी बचे की रुचि को दबाएँ नहीं बल्कि उसे boost करते रहें। हमारे देश को भी आज Multiskilled & Multifaceted personalities की जरुरत है। कि सिर्फ पढ़ाकू बच्चों की।

3. हमें हर बच्चे से कभी भी 100 की आशा नहीं रखनी चाहिए। क्योंकि इसके द्वारा parents और बच्चे दोनों पर ही negative effect पड़ता है।

4. बच्चों को अपने talent के हिसाब से subjects चुनने की आज़ादी दें। अपना कोई दबाव उन पर बनाएं।

5. आजकल स्कूल भी अपनी Market value चाहते हैं। इसलिए वो चाहते हैं कि हमारा Result सबसे अच्छा आए और इसी के चलते वो बच्चों पर मानसिक दबाव बना देते हैं जो कि बिलकुल गलत है।

6. बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए अच्छा atmosphere मिलना चाहिए। parents ज्यादा interference   करें तो बेहतर होगा।

1 comment:

  1. there are no better tips than that...very informative

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