Sunday, March 17, 2019

हर ख़ून का छींटा ख़ौल💥उठा



हर ख़ून का छींटा ख़ौल💥उठा, रग-रग उफनता लावा🌋 है,
जो नहीं अपना वो भी लेंगे, हर ओर ठोकना दावा है।
 
1. हम परशुराम 🏹की गोद पले, पी हनुमान🐵की घुट्टी है ।
बन अंगद गर कहीं अड़💪जायें, फिर कौन न जिसकी
छुट्टी है।
हम राम भक्त 🙏वानर हैं विकट, गर भिड़ोगेफिर
पछतावा है।

2. ये देश🇳🇪 है कोई टुकड़ा💔नहीं, इसे माता👸कह हम पूजते
हैं।
माला📿भाला कहाँ क्या फेरें, सब बात 👏समझते-सूझते
हैं।
हम दयावान भोले शंकर🙏🏻 से, पर रुद्र रूप😡भी भावा है
जो नहीं अपना...
 
3. ये सर👥 हैं गाजर मूली न, जो काट🍉जायें और शोक न
हो।
हम जाड़ के नीचे पिचका दें, सूर्य 🌞भी, गर कोई रोक
ना हो।
बस एक हुक़्म और पाक साफ़, कब करना हम को
धावा🔥 है।
जो नहीं अपना ...

हर ख़ून का छींटा ख़ौल💥उठा, रग-रग उफनता लावा🌋 है,
जो नहीं अपना वो भी लेंगे, हर ओर ठोकना दावा है।

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