Tuesday, May 14, 2019

गज़ब सी हलचल💥



गज़ब सी हलचल💥,भयंकर दलदल, दौर है कैसा।
भटकन, अटकन, ढीला सा मन😌शोर है कैसा।

सब बहरे से, न ठहरे से, चेहरे बीयाबान😡 से हैं ।
रंग🌈उमंग, न कोई तरंग, ज़िंदा पर बेजान💀से हैं।
कौआ तो काला⚫ जुगडों से , पर काला ये मोर🦚है कैसा।
गज़ब सी ...

सूखे समंदर💭 जायें किस दर, बूंद-बूंद💦 पर रण दिखता
डगर डगर ठग, ठगते पग पग🦶🏼🦶🏼रग रग देख मरण दिखता।
ठहरने से पहले ठहरा दे🖐🏼और भरमा दे,ठौर है कैसा।
गज़ब सी...

न संस्कार है,  छल हथियार⚔ है , ज्ञान कटार🗡भी बिना धार है।
साधु🙌शरण बिन, कष्ट भरे दिन, कटेंगे गिन गिन,गज़ब भार है।
चलो बाहर से भीतर💗 लौटें, देखें तुममें ज़ोर है कैसा।

गज़ब सी हलचल💥,भयंकर दलदल, दौर है कैसा।
भटकन, अटकन, ढीला सा मन😌शोर है कैसा।

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