Sunday, May 26, 2019

शीश महल तेरी यादों का 😢😢

हर और महफिलें 👨👩👦👦सूनी सी,
ज्यों कोई सुलघती💥धूनी सी।
क्यूँ भीतर भीतर 💘घात है,
बड़ी घनी डरावनी रात है।

जो अपने थे वो छोड़ गए,खण्ड खण्ड 💔कर तोड़ गए।
शीश महल तेरी यादों का😢😢, ठोकर दी और फोड़🗯गए।
भोली तितलियां 🦋क्या जाने, कौन दुष्ट रिपु👹 कौन तात👨है।

दिल पर खरोंचें लाख हुई , हर कली खिली🌹और राख ⚫हुई। 
जब माली ही गला घोंट रहा, फिर राख हुई क्या लाख हुई।
हर फसल🌾है पंजे सूखे की, भले झड़ी लगी बरसात🌧है 


मेरी खास उम्मीद का तट🏝है तू ,जो लगी निरंतर रट 💤है तू।
तू सागर बन मेरे होंठ👄पे हो, तब भी तो कसम से घट है तू।
ख़ैर फ़ूल खिलेंगे 🥀🌷फुलवाड़ी, ना ऐसी कोई औकात है।

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