Sunday, May 26, 2019

तू गंगा सी पावन 💧💧💧

रूह में उतर के तेरी💗दो एक बातें कर लूं।
तू गंगा सी पावन तुझ में डुबूँ और तर 🚣लूं।

तू आसमां सी ऊंची गहरी सागर🏖सी।
शीतल जल🚰से भरी प्यारी गागर सी।
उस गागर से दो चार घूँट💧मैं भी भर लूं।

तू परे कपट छल छिद्र🥰से कोई भोली किरण💫
तेरा चलना कुलांचे भरता हो कोई जैसे हिरण🦌।
तू मणि जड़ित कोई ताज़ 👑जिसे सिर पे धर लूं।

तू सर्वश्रेष्ठ कलाकृति विधाता🙏की अब तक।
और नहीं सजोगी हृदय💝सिंघासन पर जब तक।
नहीं प्राण💓को भी कोई स्थान वरण मृत्यु कर लूं।
रूह में उतर के तेरी💗दो एक बातें कर लूं।
तू गंगा सी पावन तुझ में डुबूँ और तर 🚣लूं।

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