Tuesday, June 25, 2019

जिंदगी के मोड़


जिंदगी के मोड़ पर दो रास्ते हैं,
मगर पता नहीं कौन सा हमारा है,
खुदा अब तू ही बता मुझे,
कौन सा दरिया और कौन सा किनारा है।

जिंदगी ने हमेशा मुझे ग़म दिए,
ग़मों की सेज हम सजाते चले गए,
जिनको समझती थे थी मैं अपना,
वही ठोकर लगा कर चले गए।
चाहा तो मैंने बहुत कुछ था,
चाहत से मिला कम, अब खुशियों की चाहत थी,
फिर भी मिला गम।
😞😨😰😥💔💘💙💟💝🌹🍂🍃🌽🌲🌻🍎🌷🌵🌴 

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